Post Election Violence In West Bengal, Bjp Says Tmc Behind These Attacks, Here Is All You Need To Know – बंगाल में बवाल: चुनाव बाद हिंसा की घटनाएं, चार की मौत, भाजपा का तृणमूल पर आरोप

Post Election Violence In West Bengal, Bjp Says Tmc Behind These Attacks, Here Is All You Need To Know – बंगाल में बवाल: चुनाव बाद हिंसा की घटनाएं, चार की मौत, भाजपा का तृणमूल पर आरोप


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 03 May 2021 11:48 PM IST

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आ चुके हैं और ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी की सभी उम्मीदों पर पानी फेरते हुए भारी जीत हासिल की है। हालांकि, चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य में हिंसा का दौर शुरू हो गया, जिसके लिए भगवा दल ने तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव में कथित तौर पर चार लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा था कि चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं में नौ लोगों की जान जा चुकी है। 

विजयवर्गीय बोले- हिंसा टीएमसी द्वारा प्रायोजित 
दूसरी ओर, बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इन हमलों को ममता बनर्जी की ओर से प्रायोजित हिंसा करार दिया है। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद करीब 700 गांवों में हिंसा हुई है और दुष्कर्म व हत्या की घटनाएं हुई हैं।  उधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चार मई को बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। यहां वह हिंसा पीड़ित पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करेंगे। पार्टी ने इसे लेकर तृणमूल को जिम्मेदार ठहराया है और पांच अप्रैल को चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं को लेकर राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

एबीवीपी कार्यालय पर हमले का आरोप 
वहीं, भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी (एबीवीपी) ने सोमवार को कहा कि आज ममता बनर्जी के करीब 15 से 20 टीएमसी के गुंडों ने हमला किया और एबीवीपी के कोलकाता कार्यालय में तोड़फोड़ की। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि इस दौरान टीएमसी के गुंडों ने कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनके साथ मारपीट भी की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने के बाद टीएमसी के गुंडों ने हनुमान जी और मां काली की प्रतिमा भी तहस-नहस कर दी।  

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट 
हिंसा को लेकर भाजपा नेता ने इस ट्वीट के साथ हिंसा की घटनाओं से संबंधित एक वीडियो भी साझा किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पश्चिम बंगाल सरकार से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है।

भाजपा महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ममता बनर्जी सुन लीजिए। राज्य के लोगों ने आपको जनादेश दिया और उनकी रक्षा करना आपका कर्तव्य है। लेकिन आप कभी ममता रखने वाली मुख्यमंत्री नहीं रहीं। इस बार हम अपने 18 सांसदों और 77 विधायकों के साथ आपका जोरदार मुकाबला करेंगे। 

बता दें कि चुनावी नतीजे आने के बीच ही रविवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आने लगी थीं। इसके मद्देनजर ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की थी।
 

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आ चुके हैं और ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी की सभी उम्मीदों पर पानी फेरते हुए भारी जीत हासिल की है। हालांकि, चुनाव के परिणाम आने के बाद राज्य में हिंसा का दौर शुरू हो गया, जिसके लिए भगवा दल ने तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव में कथित तौर पर चार लोगों की मौत हो गई है। इससे पहले राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा था कि चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं में नौ लोगों की जान जा चुकी है। 

विजयवर्गीय बोले- हिंसा टीएमसी द्वारा प्रायोजित 

दूसरी ओर, बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इन हमलों को ममता बनर्जी की ओर से प्रायोजित हिंसा करार दिया है। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया है कि चुनाव परिणाम आने के बाद करीब 700 गांवों में हिंसा हुई है और दुष्कर्म व हत्या की घटनाएं हुई हैं।  उधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चार मई को बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। यहां वह हिंसा पीड़ित पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी करेंगे। पार्टी ने इसे लेकर तृणमूल को जिम्मेदार ठहराया है और पांच अप्रैल को चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं को लेकर राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

एबीवीपी कार्यालय पर हमले का आरोप 

वहीं, भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी (एबीवीपी) ने सोमवार को कहा कि आज ममता बनर्जी के करीब 15 से 20 टीएमसी के गुंडों ने हमला किया और एबीवीपी के कोलकाता कार्यालय में तोड़फोड़ की। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि इस दौरान टीएमसी के गुंडों ने कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनके साथ मारपीट भी की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने के बाद टीएमसी के गुंडों ने हनुमान जी और मां काली की प्रतिमा भी तहस-नहस कर दी।  

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट 

हिंसा को लेकर भाजपा नेता ने इस ट्वीट के साथ हिंसा की घटनाओं से संबंधित एक वीडियो भी साझा किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी पश्चिम बंगाल सरकार से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए हिंसा की घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है।

भाजपा महासचिव (संगठन) बी एल संतोष ने ट्वीट किया, ममता बनर्जी सुन लीजिए। राज्य के लोगों ने आपको जनादेश दिया और उनकी रक्षा करना आपका कर्तव्य है। लेकिन आप कभी ममता रखने वाली मुख्यमंत्री नहीं रहीं। इस बार हम अपने 18 सांसदों और 77 विधायकों के साथ आपका जोरदार मुकाबला करेंगे। 

बता दें कि चुनावी नतीजे आने के बीच ही रविवार को राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की घटनाएं सामने आने लगी थीं। इसके मद्देनजर ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की थी।

 



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