Coronavirus In Uttarakhand: Five Corona Positive Patient Died In Roorkee Hospital Due To Oxygen Crisis – उत्तराखंड: रुड़की के निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत

Coronavirus In Uttarakhand: Five Corona Positive Patient Died In Roorkee Hospital Due To Oxygen Crisis – उत्तराखंड: रुड़की के निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 04 May 2021 09:54 PM IST

सार

बताया जा रहा है कि करीब 25 मिनट तक ऑक्सीजन बाधित रही, जिसके कारण मरीजों की मौत हुई। इसमें एक मरीज वैंटीलेटर पर था और चार ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

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उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की में एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। घटना सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब 25 मिनट तक ऑक्सीजन बाधित रही, जिसके कारण मरीजों की मौत हुई।

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इसमें एक मरीज वैंटीलेटर पर था और चार ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, समय रहते अस्पताल प्रबंधन की ओर से सूचित नहीं किया गया। पूरी घटना की जांच कराई जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑक्सीजन खत्म होने के बारे में प्रशासन को अवगत करा दिया गया था। 

डीएम सी रविशंकर ने सभी कोविड अस्पतालों के प्रबंधकों और अधिकारियों से ऑनलाइन बैठक कर ऑक्सीजन आपूर्ति के बारे में चर्चा की। साथ ही निर्देश दिए कि अस्पताल समय से अपने यहां ऑक्सीजन की डिमांड बता दें ताकि आपूर्ति में कोई दिक्कत न आए और कोरोना मरीजों का जीवन सुरक्षित रहे।

मंगलवार को डीएम सी रविशंकर ने जिले के साथ ही रुड़की क्षेत्र के सभी कोविड अस्पतालों के प्रबंधकों और अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। उन्होंने अस्पतालों के प्रबंधकों से ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर चर्चा की। बैठक में शामिल रहे रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डीएम ने कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। अधिकतर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। 

कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं कि ऑक्सीजन की कमी के चलते लोग दम तोड़ रहे हैं। हालांकि, जिले में ऑक्सीजन की वर्तमान में कमी नहीं है। ऐसे में उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पताल अपने यहां इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन की मात्रा की जानकारी पोर्टल पर शाम चार बजे तक अपलोड कर दें ताकि समय रहते ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सके। डॉ. संजय कंसल ने बताया कि डीएम के निर्देशानुसार विभाग के पोर्टल पर ऑक्सीजन की जानकारी अपलोड कर दी गई है।

कोरोना महामारी में ऑक्सीजन के लिए मची अफरातफरी के बीच मंगलौर स्थित प्लांट में उत्पादन क्षमता बढ़ा दी गई है। यहां अब 24 घंटे में 700 की जगह 1000 ऑक्सीजन सिलिंडर तैयार किए जा रहे हैं। प्लांट के प्रबंध निदेशक का कहना है कि यदि प्रशासन उन्हें 20 टन का लिक्विड टैंक उपलब्ध कराता है तो यह क्षमता बढ़कर 2000 से 3000 के बीच पहुंच जाएगी।

मंगलौर-झबरेड़ा रोड स्थित गदरजुड्डा गांव के समीप स्थित कुमार इस्पात ऑक्सीजन प्लांट ने डिमांड को देखते हुए उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी कर दी है। इससे प्लांट में आने वाले लोगों को ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध हो रही है। वहीं, उत्पादन क्षमता बढ़ने से लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। कुमार इस्पात के प्रबंध निदेशक राकेश यादव ने बताया कि पहले वह 700 सिलिंडर 24 घंटे में तैयार करते थे, जबकि अब 1000 सिलिंडर तैयार किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि 20 टन का लिक्विड टैंक उपलब्ध करा दे तो उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 2000 से 3000 सिलिंडर प्रति 24 घंटे हो जाएगी। इसके बाद हरिद्वार में किसी को ऑक्सीजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और प्लांट में आसानी से ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्लांट का मकसद लोगों की जान बचाना है। इसके लिए वह हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और 20 टन का लिक्विड टैंक उपलब्ध कराया जाए। 

विस्तार

उत्तराखंड में हरिद्वार जिले के रुड़की में एक निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। घटना सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब 25 मिनट तक ऑक्सीजन बाधित रही, जिसके कारण मरीजों की मौत हुई।

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इसमें एक मरीज वैंटीलेटर पर था और चार ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, समय रहते अस्पताल प्रबंधन की ओर से सूचित नहीं किया गया। पूरी घटना की जांच कराई जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऑक्सीजन खत्म होने के बारे में प्रशासन को अवगत करा दिया गया था। 


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